दिवाली पर भी घर से दूर रहे तेज प्रताप, परिवार में शांति के लिए कराया यज्ञ

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने पत्नी ऐश्वर्या से तलाक की अर्जी दाखिल करने के बाद दिवाली के मौके पर घर से दूर रहकर विंध्याचल में यज्ञ कराया है। घर पर तेज प्रताप की मां राबड़ी देवी और पत्नी ऐश्वर्या उनका इंतजार करते रहे लेकिन वह घर नहीं पहुंचे।

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव अब तक घर नहीं लौटे हैं। पत्नी ऐश्वर्या से तलाक की अर्जी दाखिल करने के बाद वह घर से दूर हैं। दिवाली के मौके पर भी वह घर से दूर रहे और विंध्याचल में यज्ञ कराया। दिवाली के मौके पर घर पर तेज प्रताप की मां राबड़ी देवी और पत्नी ऐश्वर्या के साथ पूरा परिवार उनके इंतजार में रहा।

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को तेज ने परिवार में शांति के लिए विंध्याचल में यज्ञ कराया। इससे पहले तेज ने अपने पिता लालू यादव से रांची स्थित रिम्स में मुलाकात की थी। पिता से मुलाकात के बाद तेज घर न जाकर वाराणसी पहुंच गए। इससे पहले तेजप्रताप ने कई दिन वृंदावन में बिताए थे।

बता दें कि तेज प्रताप ने दो नवंबर को कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। रांची में रविवार को अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिलकर पटना लौट रहे तेज प्रताप अचानक बुखार और जलन से पीड़ित होने की बात कहकर बोधगया में ही रुक गए थे। जब होटेल में उनके कमरे का दरवाजा खोला गया तो पता चला कि वह गायब हैं। उनके वृंदावन जाने की खबर सुरक्षाकर्मियों को भी नहीं थी।

तलाक की अर्जी देते हुए तेज प्रताप ने कहा था, 'ऐश्वर्या हाई सोसायटी की हैं और उनकी शिक्षा भी मुझसे मेल नहीं खाती है।' राजनीतिक जीवन को नुकसान के सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह धार्मिक किस्म के आदमी हैं, जहां जाएंगे वहां करियर बन जाएगा

पटना, आठ नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय के रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे फोडे़ जाने के निर्देश के बावजूद यहां दीपावली की रात 12 बजे तक पटाखे फोडे़ जाने से ध्वनि स्तर सामान्य दिनों से अधिक बढ़ गया। साथ ही वायु की गुणवत्ता में भी कमी आयी । बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी अरूण कुमार ने बताया कि पर्षद द्वारा दीपावली के दौरान परिवेशीय वायु गुणवत्ता एवं ध्वनि स्तर की जांच दीपावली के पूर्व एक नवंबर को एवं दीपावली के दिन सात नवंबर को की गई। उन्होंने बताया कि पटना में परिवेशीय

ध्वनिस्तर की जांच कुल 8 स्थानों पर जबकि परिवेशीय वायु गुणवत्ता की जांच शहर में कुल पांच स्थानों पर की गयी। कुमार ने बताया कि दिवाली के दिन पटना के आठ स्थानों पर की गई परिवेशीय ध्वनि स्तर की जांच में बोरिंग रोड में सबसे ज्यादा ध्वनि स्तर दर्ज किया गया जबकि अन्य स्थलों पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा ध्वनि स्तर में रात्रि 9.00 बजे से अर्द्ध रात्रि 12.00 बजे के बीच वृद्धि पायी गयी। बोरिंग रोड में रात्रि 9.00 बजे से अर्द्ध रात्रि 12.00 बजे तक 81 डेसिबल ए एलइक्यु से ज्यादा का ध्वनि स्तर पाया गया । विचारणीय तथ्य यह भी है कि शांत क्षेत्रों यथा शेखपुरा स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान और पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भी ध्वनि स्तर निर्धारित मानक से ज्यादा पाया गया

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